शुभदीप शर्मा, लाटागुड़ी: हर वर्ष की भांति, मानसून के दौरान डुआर्स की प्रमुख नदियों जैसे तीस्ता, तोर्षा, जलढाका और मूर्ति में पानी का स्तर बढ़ जाता है। इस उफान से हाथी, गैंडा और हिरण जैसी वन्यजीव प्रजातियाँ बहकर दूर चली जाती हैं।
वन विभाग ने इस बार विशेष तैयारी की है ताकि मानसून के दौरान वन्यजीवों को सुरक्षित रखा जा सके। इसके लिए उन्होंने नदियों की नजरदारी के लिए विशेष टीमों की नियुक्ति की है। इन टीमों का काम है नदियों के जल स्तर और वन्यजीवों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखना।
वन विभाग ने बताया कि नदियों के किनारे खास तौर पर चौकसी बढ़ाई जाएगी। आपात स्थिति में टीमों को तुरंत हरकत में आने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने पूरे मानसून के दौरान विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने का आश्वासन दिया है।
इसके साथ ही, वन्यजीवों के निवास स्थलों में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी किए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी जीव उफनते पानी में न फंसे, पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
वन विभाग के इन उपायों से मानसून के मौसम में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।