2013 में निशीथ प्रामाणिक ने तृणमूल कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। उनका करियर धीरे-धीरे उभरता गया। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले, उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गए।
निशीथ के निष्कासन के बाद, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। इससे उनके राजनीतिक जीवन में एक नया मोड़ आया। पड़ोसी और समर्थक उनके बढ़ते कद और प्रभाव से बेहद खुश हैं और इसे सम्मान का विषय मानते हैं।
उनकी सफलता ने न केवल स्थानीय क्षेत्रों में बल्कि व्यापक राजनीतिक परिदृश्य में भी एक नई चर्चा छेड़ दी है। पड़ोसी और सहकर्मी बताते हैं कि निशीथ बचपन से ही मेहनती और दृढ़ निश्चय वाले रहे हैं, और उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है।
आगामी विधानसभा चुनावों में निशीथ की भूमिका और आगे के राजनीतिक पड़ाव पर सभी की नजरें टिकी हैं। उनके समर्थक आशान्वित हैं कि वे नई ऊंचाइयों को छूएंगे और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।