पश्चिम बंगाल के बीजपुर में भाजपा द्वारा आयोजित एक मछली उत्सव में तृणमूल कांग्रेस के पार्षद की भागीदारी चर्चा का विषय बन गई।
विधानसभा चुनाव के समय मछली को लेकर काफी राजनीति हुई थी। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि भाजपा के सत्ता में आने पर राज्य के निवासियों को मछली खाने से रोक दिया जाएगा।
इस दावा का जवाब देते हुए भाजपा ने बीजपुर में इस आयोजन की योजना बनाई, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के पार्षद की उपस्थिति ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है।
इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए थे। तृणमूल कांग्रेस के पार्षद की मौजूदगी को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे प्रतीत होता है कि पारस्परिक राजनीतिक तनाव के बीच संवाद की गुंजाइश बनी हुई है।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस घटना से राजनीतिक ध्रुवीकरण के बावजूद एकता का संदेश जाता है।